Registered No: 52/2026

फास्ट रिलीफ चैरिटी ट्रस्ट इंडिया (FRCT INDIA) की नियमावली


आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना की नियमावली


1. फास्ट रिलीफ चैरिटी ट्रस्ट इंडिया (FRCT INDIA) की स्थापना 26-02-2026 ई0 को सर्व समाज को तीव्र आर्थिक एवं भावनात्मक राहत पहुंचाने के लिए हुई है। सरकारी शिक्षकों के अतिरिक्त सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में कार्यरत सभी अधिकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी, वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक, कर्मचारी एवं प्रबंधक, किसान, मजदूर, व्यवसाई, गृहिणी, छात्र छात्राएं FRCT INDIA की सदस्यता ले सकते हैं।


2. FRCT INDIA की सदस्यता हेतु उत्तराखंड/पश्चिम उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना या उत्तराखंड/पश्चिम उत्तर प्रदेश में सरकारी/प्राइवेट किसी भी पद पर कार्यरत होना अनिवार्य है।


3. 18 वर्ष से 60 वर्ष की आयु के व्यक्ति सदस्यता ले सकते हैं। जो नागरिक सदस्यता लेगा उनका पंजीकरण सर्वप्रथम आकस्मिक निधन योजना में होगा। नियमानुसार वैधानिक रहने की स्थिति में 65 वर्ष की उम्र तक सदस्यता बनी रहेगी। सदस्यों की 65 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी।


4. समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार frctindia.org वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर व 50 रुपए संस्था को दान करके सदस्यता ली जा सकती है।


5. समस्त सदस्यों को अपनी सदस्यता बनाए रखने के लिए वार्षिक 50 रूपए "FRCT INDIA" को दान देकर व्यवस्था संचालन में सहयोग करना अनिवार्य है। हर वर्ष ट्रस्ट को 50 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात FRCT INDIA की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 30 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन का स्क्रीन शॉट और ट्रांजेक्शन आई.डी. अपलोड करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा में वार्षिक दान जमा नहीं करने वाले सदस्य की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी एवं FRCT INDIA की समस्त योजनाओं में अपात्र कर दिया जाएगा।


6. यदि FRCT INDIA के किसी वैधानिक सदस्य का असामयिक दु:खद निधन हो जाता है तो FRCT INDIA से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित 51 रुपए की न्यूनतम सहयोग राशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम सहयोग राशि घटाने-बढ़ाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।


7. FRCT INDIA के सदस्य की वैधानिकता हेतु लॉक इन पीरियड 8 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड 8 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 मार्च 2026 को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन करता है, उसका निधन 31 अक्तूबर 2026 की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाता है तो उसके नॉमिनी को आर्थिक सहयोग प्राप्त नहीं होगा।


8. वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर निधन की तिथि तक कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।


9. सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी।


10. यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं की जायेगी। ऐसी परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर स्व-विवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।


11. यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसी स्थिति में लगातार 8 माह सहयोग करके और 8 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।


नोट – आकस्मिक निधन योजना में लॉक इन पीरियड 8 माह व कन्या विवाह शगुन योजना में लॉक इन पीरियड 12 माह रहेगा।


कन्या विवाह शगुन योजना की नियमावली


  • 1. यदि सदस्य की बेटी/बहन 18 वर्ष की उम्र पूरा कर चुकी है तो कन्या का सदस्य बनना और "कन्या विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बेटी/बहन की उम्र 18 वर्ष पूरी नहीं है तो जैसे ही बेटी/बहन 18 वर्ष की उम्र पूरी करती है तो बेटी/बहन का सदस्य बनना और "कन्या विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। बेटी/बहन द्वारा आकस्मिक निधन योजना में भी लगातार सभी सहयोग करना अनिवार्य है।


  • 2. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी/बहन की विवाह तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा कन्या विवाह शगुन योजना में 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।


  • 3. सदस्य के अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही कन्या विवाह शगुन योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र हैं। कन्या के माता-पिता दोनों के जीवित न होने की स्थिति में या माता-पिता दोनों की आयु 60 वर्ष से अधिक होने की स्थिति में यदि भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) अपनी बहन की शादी में लाभार्थी है तो उक्त भाई अधिकतम 2 जैविक बहन या 2 जैविक बेटी या 1 जैविक बहन और 1 जैविक बेटी के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र है।

    यदि कन्या की जैविक माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं या माता-पिता दोनों की आयु 60 वर्ष से अधिक है और कन्या का कोई जैविक भाई भी नहीं है तो कन्या (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) स्वयं के विवाह पर कन्या विवाह शगुन योजना में सदस्य बनकर सहयोग प्राप्त कर सकती है।


  • 4. यदि पति-पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति-पत्नी में से कोई एक ही इस योजना में लाभ के पात्र हैं। अर्थात पति-पत्नी दोनों में से कोई एक ही "कन्या विवाह शगुन योजना" में लाभ हेतु आवेदन कर सकेगा।


  • 5. विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के निधन का प्रमाण देना होगा।


  • 6. FRCT INDIA का वैधानिक सदस्य ही कन्या विवाह शगुन योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार आकस्मिक निधन योजना व कन्या विवाह योजना में सहयोग नहीं करेगा, वह सदस्य कन्या विवाह शगुन योजना में पात्र नहीं होगा।


  • 7. कन्या विवाह शगुन योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 10 वर्ष तक कन्या विवाह शगुन योजना के 90% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी कन्या विवाह शगुन योजना में आगामी 10 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं करता है तो आकस्मिक निधन योजना व भविष्य में आने वाली किसी भी योजना में आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा।


  • 8. कन्या विवाह शगुन योजना में प्रति सदस्य द्वारा 50 रुपए का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परंतु परिस्थिति अनुसार यह सहयोग राशि घटाई-बढ़ाई जा सकती है।


  • 9. FRCT INDIA के सदस्य द्वारा कन्या शगुन योजना और आकस्मिक निधन योजना दोनों में नियमानुसार सहयोग करना अनिवार्य है।

    Note: सदस्य द्वारा हर सहयोग में निर्धारित धनराशि नॉमिनी को भेजकर ट्रांजेक्शन की रसीद अपने FRCT INDIA अकाउंट में अपलोड करना अनिवार्य है।


  • 10. "कन्या विवाह शगुन योजना" में विवाह तिथि से 15 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। ऐसा इसलिए कि संस्था द्वारा सहयोग कराने संबंधित आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा सके।


  • 11. माता या पिता या भाई अपनी बेटी/बहन के विवाह में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर नियमानुसार लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि सदस्य (पिता) की मृत्यु बेटी के विवाह से पहले हो जाती है तो मृत्यु उपरांत माता सदस्य बनेगी, इसी प्रकार सदस्य (माता) की मृत्यु होने पर पिता सदस्य बनेंगे, और सदस्य (भाई) की मृत्यु होने पर बहन सदस्य बनेगी। इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (माता/पिता/बहन) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा।


  • 12. यदि "आकस्मिक निधन योजना" का लॉक इन पीरियड पूरा करने के बाद सदस्य (माता या पिता या भाई) का निधन होता है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 11 लागू नहीं होगी।


  • 13. FRCT INDIA कन्या शगुन योजना के अंतर्गत सीधे कन्या के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।

नोट – आकस्मिक निधन योजना में लॉक इन पीरियड 8 माह व कन्या विवाह शगुन योजना में लॉक इन पीरियड 12 माह रहेगा।


सामान्य नियम


1. FRCT INDIA द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 8679685058 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी एवं तकनीकी सहायता प्राप्त की जा सकती है।


2. FRCT INDIA सीधे सदस्य के नॉमिनी के खाते में सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं है। टीम द्वारा अपील करने पर सहयोग कम या अधिक आने पर या न आने की दशा में संस्था जिम्मेदार नहीं होगी। आकस्मिक निधन योजना व कन्या विवाह शगुन योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं है।


3. सहयोग के दौरान या उसके बाद किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दी जाये तो सदस्य द्वारा दावा करने और उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर वह धनराशि सदस्य के खाते में वापस करनी होगी। इस हेतु FRCT INDIA गारंटी नहीं लेगी किंतु नियमानुसार गलती से भेजी गई धनराशि वापस करवाने हेतु सार्थक एवं पूर्ण प्रयास करेगी।


4. समस्त सूचनाओं की जानकारी हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप व सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचनाओं के अभाव में यदि सदस्य की वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार सदस्य स्वयं होंगे।


5. संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे, अपने आधिकारिक स्तर से निरीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
नोट – लाभार्थी को प्राप्त होने वाली धनराशि संस्था के सदस्यों द्वारा किये जाने वाले सहयोग पर निर्भर होगी।


6. कोई भी सदस्य FRCT INDIA के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आंकड़े प्रस्तुत किए बिना आरोप लगाता है या FRCT INDIA के किसी भी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या FRCT INDIA विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु संस्था स्वतंत्र होगी।


7. ट्रस्ट को दिए गए वार्षिक 50 रुपए दान से निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जायेगा:

  • A. वेबसाइट के निर्माण और संचालन में

  • B. ऐप बनवाने और संचालन में

  • C. प्रदेश कार्यालय खर्च हेतु

  • D. प्रदेश हेल्पलाइन नंबर पर नियुक्त स्टाफ को मानदेय देने में

  • E. स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन में

  • F. प्रचार प्रसार और सदस्यता अभियान में

  • G. समय समय पर नई तकनीकी लाने में ताकि प्रक्रिया पारदर्शी के साथ साथ आसान बन सके।

  • H. उत्तरप्रदेश/उत्तराखंड में विवेकानुसार संस्था हित में उपभोग हेतु


"किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड तात्कालिक नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।"


नोट – भविष्य में FRCT INDIA के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना, गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना व सदस्य सम्मान योजना लाने का लक्ष्य है।

नोट –किसी भी प्रकार के न्यायालयी विवाद की स्थिति में सिर्फ सहारनपुर जनपद उत्तर प्रदेश न्याय क्षेत्र में ही वादों का निपटारा किया जा सकेगा

नोट – केवल उत्तराखंड राज्य के निवासियों के लिए:
उत्तराखंड के ऐसे सदस्य जिन्होंने 26 फरवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन FRCT INDIA में किया है, उनके लिए कन्या विवाह शगुन योजना में लॉकिंग पीरियड शून्य रहेगा